संवाददाता - नीलेश एनकेडी
मोंठ: तहसील बार संघ ने अधिवक्ता अधिनियम 2025 के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पंकज प्रभाष चचौधिया और सचिव बृजेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित करते हुए उप जिलाधिकारी मोंठ के माध्यम से प्रेषित किया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने लिखा कि अधिवक्ता अधिनियम 2025 वकीलों के हितों के विरुद्ध है और इससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सुझाए गए संशोधनों को अधिनियम में शामिल किया जाए, ताकि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।
बार संघ ने सर्वसम्मति से इस अधिनियम का विरोध करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में संघ ने घोषणा की है कि खागामी 25 फरवरी को सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे और अदालतों में कोई भी कानूनी कार्य नहीं करेंगे। उनका कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और न्यायिक प्रणाली की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस मामले पर उचित कार्यवाही करने और उनकी मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन के चलते 25 फरवरी को मोंठ तहसील में न्यायिक कार्य प्रभावित रहने की संभावना है, जिससे आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने जनता से भी अपील की है कि वे उनके आंदोलन को समर्थन दें ताकि अधिवक्ताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें।

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